26 अगस्त 2025 | Reporting : Naveen | छिबरामऊ न्यूज़

किसान किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसानों का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। किसानों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर कई संगठन आवाज़ उठाते हैं, जिनमें से एक प्रमुख संगठन है भारतीय किसान यूनियन (अवधेश)। यह संगठन लगातार किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्षरत रहा है।
किसानों के साथ हर मोर्चे पर खड़ी यूनियन
भारतीय किसान यूनियन (अवधेश) का उद्देश्य केवल किसानों की आवाज़ उठाना ही नहीं, बल्कि उनके लिए ठोस कदम उठाना भी है। चाहे बात फसल का उचित मूल्य दिलाने की हो, बिजली-पानी की समस्या की हो, सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुँचाने की हो या फिर बेरोज़गार युवाओं को रोजगार दिलाने की—यह यूनियन हर मुद्दे पर सक्रिय रहती है।
यूनियन किसानों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुँचाने का काम करती है, साथ ही समाधान के लिए लगातार आंदोलन और बैठकों का आयोजन करती है। यही वजह है कि किसान इस संगठन को अपना सच्चा साथी मानते हैं।
स्थापना दिवस 27 अगस्त को
इस साल 27 अगस्त 2025 को भारतीय किसान यूनियन (अवधेश) का भव्य स्थापना दिवस मनाया जाएगा। यह आयोजन लिटिल स्टार मैरिज होम, विशुनगढ़ रोड, छिबरामऊ, जिला कन्नौज में संपन्न होगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान और यूनियन से जुड़े कार्यकर्ता शामिल होंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश

भारतीय किसान यूनियन (अवधेश) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अवधेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्थापना दिवस को पूरे धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि किसानों की एकता और उनके संघर्ष को याद करने का है।
उनका मानना है कि जब तक किसान संगठित नहीं होंगे, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान पाना मुश्किल है।
संगठन के पदाधिकारी भी होंगे मौजूद
इस आयोजन में यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे, जिनमें मुख्य रूप से—
- राष्ट्रीय संरक्षक श्री राजपाल चौहान जी
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता
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मंडल उपाध्यक्ष मयंक गुप्ता (हनी)
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अन्य सम्मानित कार्यकर्ता और किसान नेता
इन सभी के नेतृत्व में किसान संगठन और मजबूत हो रहा है तथा अधिक से अधिक किसानों तक अपनी पहुँच बना रहा है।
किसानों के लिए उम्मीद की किरण
भारतीय किसान यूनियन (अवधेश) किसानों के बीच उम्मीद की किरण बन चुकी है। छोटे किसान से लेकर बड़े किसान तक, सभी इस संगठन को अपनी आवाज़ मानते हैं।
यूनियन का मानना है कि अगर किसान खुशहाल होंगे तो देश खुशहाल होगा। यही कारण है कि संगठन हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ा होकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ता है।