29 अगस्त 2025 | Reporting : Naveen | छिबरामऊ न्यूज़

छिबरामऊ। भारतीय किसान यूनियन अवधेश का दूसरा स्थापना दिवस रविवार 27 August 2025 को छिबरामऊ में बेहद धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन विशुनगढ़ रोड स्थित लिटिल स्टार गेस्ट हाउस में हुआ, जहां सुबह से ही किसानों और पदाधिकारियों की भीड़ जुटने लगी थी। माहौल बिल्कुल मेले जैसा था। हर तरफ किसानों की जयकार गूंज रही थी।
इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अवधेश त्रिपाठी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विवेक गुप्ता, राष्ट्रीय संरक्षक राजपाल सिंह चौहान, प्रदेश सचिव रामेंद्र सिंह फौजी समेत कई जिलों और तहसीलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक दिखा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का जोरदार स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अवधेश त्रिपाठी के स्वागत से हुई। पदाधिकारियों और किसानों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। उनके मंच पर पहुंचते ही हॉल “भारतीय किसान यूनियन अवधेश ज़िंदाबाद” और “किसान एकता अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
अपने संबोधन में त्रिपाठी ने कहा कि किसान देश की रीढ़ है और जब तक किसान मजबूत नहीं होगा, तब तक देश मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने वादा किया कि चाहे समस्या खाद की हो, बिजली विभाग की लापरवाही हो या फिर पुलिस प्रशासन का अन्याय, संगठन हर मोर्चे पर किसानों के साथ खड़ा रहेगा।
पदाधिकारियों ने लिया संकल्प
स्थापना दिवस पर मौजूद पदाधिकारियों और किसानों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में पूरा भरोसा जताया। सभी ने शपथ ली कि संगठन के हर निर्णय का पालन किया जाएगा और किसानों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।
इस अवसर पर कई नए किसानों ने भी संगठन की सदस्यता ग्रहण की। उनका कहना था कि अब वे अकेले नहीं हैं, संगठन के साथ रहकर उन्हें अपनी आवाज़ उठाने का बल मिलेगा।
कौन-कौन रहा मौजूद
इस खास मौके पर संगठन से जुड़े कई बड़े चेहरे मंच पर नजर आए। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विवेक गुप्ता, राष्ट्रीय संरक्षक राजपाल सिंह चौहान, प्रदेश सचिव रामेंद्र सिंह फौजी, जिला अध्यक्ष (सैनिक प्रकोष्ठ) अरविंद कुमार दुबे, जिला अध्यक्ष (युवा प्रकोष्ठ) गौरव शुक्ला, जिला अध्यक्ष (चिकित्सा प्रकोष्ठ) डॉक्टर आर.के. पाल, जिला अध्यक्ष अश्विनी मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा, महामंत्री प्रमोद कुमार द्विवेदी, जिला सचिव आशु पांडे, मंडल अध्यक्ष आशीष सक्सेना, तहसील मंत्री अनिल सक्सेना, तहसील सचिव सूरज सक्सैना, ब्लॉक मंत्री नंद किशोर समेत अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।
इसके अलावा कन्नौज, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, औरैया और आगरा से भी संगठन के प्रतिनिधि पहुंचे। सभी ने मिलकर किसान एकता का संदेश दिया।
किसानों की समस्याओं पर खुलकर चर्चा
स्थापना दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। इस मौके पर किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
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कई किसानों ने खाद और बीज की किल्लत का मुद्दा रखा।
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कुछ ने बिजली विभाग की लापरवाही और बिलों की गड़बड़ी की शिकायत की।
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वहीं कुछ किसानों ने पुलिस और तहसील स्तर पर हो रहे उत्पीड़न का जिक्र किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी को आश्वासन दिया कि संगठन किसी भी स्तर पर किसानों का शोषण नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि हर विभाग से बातचीत कर किसानों की समस्याओं का हल निकाला जाएगा।
भोजन प्रसाद से दिखी एकता
कार्यक्रम का समापन भोजन प्रसाद के साथ हुआ। किसान और पदाधिकारी एक पंक्ति में बैठकर भोजन कर रहे थे। यहां कोई छोटा-बड़ा नहीं था। यह दृश्य संगठन की असली ताकत और भाईचारे का प्रतीक था।
स्थापना दिवस क्यों है खास
भारतीय किसान यूनियन अवधेश का स्थापना दिवस किसानों के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं है। इस दिन किसान अपनी एकजुटता और संगठन की ताकत का प्रदर्शन करते हैं। पिछले एक साल में संगठन ने कई जिलों में किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज़ उठाई है। चाहे खाद और बीज की समस्या हो या फसल का उचित मूल्य न मिलना – संगठन ने हर बार किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है।
इसी कारण इस साल का दूसरा स्थापना दिवस किसानों में नई उम्मीद और जोश लेकर आया।
किसानों की भावनाएं – संगठन से जुड़ाव की कहानियां
गांव के एक किसान रामनिवास ने कार्यक्रम में कहा कि पिछले साल जब उनकी फसल बर्बाद हुई थी और उन्हें किसी विभाग से मदद नहीं मिली, तब संगठन ने उनकी बात सुनी और अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई। इसी वजह से आज वे संगठन से मजबूती से जुड़े हैं।
वहीं, एक अन्य किसान अशोक कुमार ने कहा कि संगठन ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि अगर कहीं भी किसान के साथ अन्याय होगा तो सभी मिलकर उसका सामना करेंगे।
नए पदाधिकारियों की शपथ
स्थापना दिवस पर कई नए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। उन्हें संगठन की नीतियों और नियमों से अवगत कराया गया। सभी का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। यह पल उनके लिए गर्व का क्षण था और किसानों के लिए उम्मीद का नया संदेश।
आगे की रणनीति
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अवधेश त्रिपाठी ने कहा कि आने वाले दिनों में संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर और भी मजबूती से आवाज़ उठाएगा। उन्होंने कहा –
👉 “हमारी ताकत हमारी एकता है। अगर किसान चाहे तो सरकार को भी नीतियां बदलनी पड़ेंगी। संगठन हर संभव मदद करेगा और किसी भी स्तर पर किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।”